Assignment-10
शिक्षक बोधन करने वाले विषयों की धारणा और उसके संबंधित बच्चों की खाने में सहायक ऑडियो और वीडियो की संग्रह
हम ना सोचे थे कि किसी भी समय आएगा की एक बीमारी सारी दुनिया को एक बड़ी चोट देने वाली हैl जो हमारे सामाजिक, आर्थिक , मानव की जीवन पर इतनी बड़ी ठोस पहुंच जाएगा l यह ना सोचा था कि मनुष्य अपने कामकाज को छोड़कर , व्यक्ति व्यक्ति से दूर रहकर अपने स्वास्थ्य को संभालना पड़ेगा l यह सब का कारण 2019 दिसंबर में आए हुए महामारी कोविड-19 ही हैl
यह चाइना से हाई हुई वायरस पूरी दुनिया को हिला डाला है l जरा सी छूने से, करोना पीड़ित व्यक्ति के
खांसी से , सर्दी से , छींकना ऐसे ही वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति की शरीर को आक्रमण करता है इससे बड़ी बीमारी हो तो उसकी मृत्यु हो जाती है l यहां वायरस 10- 12 साल के उम्र के बच्चे से लेकर 60 साल के वृद्ध को बहुत ही खतरनाक हैl इसलिए यह वायरस बच्चों में ना फैलाना बहुत ही जरूरी हैl इसलिए सभी पाठशाला एवं कॉलेजों को बंद करवा दिया गया हैl ताकि बच्चे सुरक्षित रहेl परंतु बच्चों की पढ़ाई न रुके पढ़ाई में पीछे ना रहे, इस कारणइस कारण हमारे सरकार ने कई प्रकार के कार्यों की चिंतन की हैl इस कारण बच्चों की पढ़ाई की प्रक्रिया निरंतर चलते रहेl इस दौर पर हमारी सरकार ने बच्चों को सिखाने के लिए कई प्रकार के कार्यक्रमों की आयोजना की हैl निम्न प्रकार के हैं
1) क्रयाश के कोर्स के अंतर्गत बच्चों को गूगल टीम के एप्लीकेशन द्वारा लिंक भेज कर बच्चों को दसवीं के सभी छात्रों को हर दिन तीन विषयों का पाठको संक्षेप में बतानाl इससे बच्चे बहुत ही आनंदित होकर सीखने की प्रक्रिया में भाग लिए हुए हैं
2) हर दिन 3 बच्चों को दूर भाषा द्वारा बातचीत करके उनके अभिभावकों के साथ चर्चा की गईl
3) एक एक कक्षाओं के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर उसमें बच्चों के लिए कार्य दिया जाता हैl
4) पाठ से संबंधित ऑडियो वीडियो ,सिखाने के अंशु को करके पाठ योजना तैयार करनाl
5) कूट प्रश्न तैयार करके बच्चों को गृह कार्य देनाl
6) बच्चों बीमारी के विरुद्ध लड़ने की विश्वास भरना और सजग रहने के लिएl
7) दर्शन टीवी पर सीखने की प्रक्रिया को बनाए रखने के लिए कार्य योजना किया गया है उसको देखने के लिए प्रोत्साहित करनाl
8) अभी आए हुए 'विद्या गम' के अंतर्गत बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित करनाl
इनके अलावा और कुछ हम सलाह दे सकते हैं निम्न प्रकार हैl*
* छात्रा घर पर ही रह कर उनके द्वारा अनेक प्रकार के परियोजना करा सकते हैंl
* करोना बीमारी से बचने के लिए हमारे आयुर्वेदिक चिकित्सा के औषधीय गुण वाले कषाया को पीने के लिए कहनाl
* सामाजिक का अंतर को एक जरूरी है और घर , आसपास की वातावरण को शुद्ध रखना जरूरी हैl मास्को को पहनाना, सैनिटाइजर की उपयोग करनाl
* हमें ऐसा समझना चाहिए कि प्रकृति अपने संतुलन अपने आप कर रही हैl पर यहां प्रक्रिया चलती रहती है जैसे पिछले कोई साल पहले प्लेग, कालरा जैसे संक्रमिका बीमारियां आती थी इससे लोगों की मृत्यु हो जाती थी l और गांव छोड़ना पड़ता थाl परंतु अबकी स्थिति कुछ और हैl क्या बीमारी मैं ही फैल गई हैl अपनों से ही दूर रहना ,सामाजिक का अंतर का पालन करना ही इसका इलाज है, l इसका अर्थ यह होगा कि बीमार से दूर रहें पर उसके मन से नहींl क्योंकि प्रेरणा और आत्मविश्वास से ही बीमारी को आ सकते हैंl
* छात्र और शिक्षकों का संबंध -माता -पिता, भाई -बहन संबंधों से बढ़कर हैl इसलिए निरंतर प्रक्रिया में भाग लेने के लिए दोनों उत्सुक रहते हैंl
* घर में अभिभावक , माता पिता घर पर बच्चों की पढ़ाई की ओर ध्यान दें l इससे शिक्षा प्रक्रिया संपूर्ण बन सकती हैl
जब से यह बीमारी की पता चल गई है तब से ही हमारे अनेक देशों के वैज्ञानिक गण इसके लिए वैक्सीन तैयार करने में करने लगे हुए हैं l इसके लिए दवाई मिलते ही हमारी कार्यकलाप पहले जैसे शुरू हो जाएगीl तब तक बच्चों की सीखने की क्रिया को बढ़ाने का कार्य हमारे लिए चुनौती हैl इसे हम स्वीकार करके सफल बनाना हमारा कार्य हैl
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