Assignment -9
घर से कार्य-9
घर से कार्य के अंतर्गत हमारी कार्यक्षमता बढ़ाने हेतु 400 शब्दों में एक लेखl
मनुष्य जो है, समय के अनुसार चलने वाला और संदर्भ के अनुसार अपने आप को समझौता करने वाला व्यक्ति ही बुद्धिमान हैl अब की जो परिस्थिति है ,घर बाहर ना निकालकर घर से ही काम करने की हैl यहां सुसमय है कि हमारे कार्यकुशलता को बढ़ाने कीl चलिए इसके बारे में विचार सोचेl
*विषय संबंधित किताबों को पढ़ना :
पाठ के अंतर्गत आने वाले विषय की अधिक जानकारी , कवि व लेखक संपूर्ण परिचय, वैज्ञानिक और उनके संशोधन आदि के जानकारी प्राप्त कर सकते हैंl
* बोधन विषयों से विषय से संबंधित पाठोपकरण , चित्र आदि जो बच्चों के लिए आकर्षित बने ऐसे उपकरण कि तैयार कर सकते हैं कर सकते हैंl
* नए तंत्रज्ञानो की जानकारी:
हमारी वृत्ति बहती हुई नदी की तरह है, इसलिए समय के बदलाव के साथ हमारी कार्यक्षमता भी अधिक होनी चाहिए l नए-नए सोच विचार, तंत्रज्ञान आदि हमें कुशल शिक्षक बना देते हैंl नई पीढ़ी की बच्चों की मनोभाव, सोच विचार, बुद्धि के अनुसार हमें कार्यरत रहना आवश्यक होने के कारण नए तंत्रज्ञान की जानकारी हासिल करना जरूरी हैl
जैसे शिक्षण में यूट्यूब के द्वारा संबंधित पाठ को दृश्य या वीडियो के रूप में दिखाना
विकिपीडिया के द्वारा संबंधित विषय की अधिक जानकारी पानाl
हिंदी हिंदी कन्नड शब्दकोश
ई - पाठशाला
दीक्षा याप
छात्र नए शब्दार्थ, चीज़ों का उपयोग करके सीख सकते हैं
* प्रत्येक छात्र को फोन पर बुलाएं और विषय के बारे में माता-पिता और छात्रों से बात करें।
* कक्षा में बच्चों के मोबाइल नंबर एकत्र करके और बच्चों के साथ पाठ सामग्री और संबंधित वीडियो और होमवर्क प्रदान करके बच्चों और शिक्षकों के बीच संपर्क बनाए रखते हुए एक व्हाट्सएप समूह बनाएं।
* कक्षा वातावरण बनाने के लिए पहले से ही Google मीट और टीम्स जैसे तंत्रज्ञान का उपयोग करके कक्षाएं ली जा रही हैं।
* पाठ पढ़ें और रिकॉर्ड करें ताकि बच्चे शब्दों के, वाक्य को स्पष्ट रूप से उच्चारण कर सकें।
* बच्चों के लिए मोबाइल प्यारी चीज है इसलिए के द्वारा कक्षाएं ली जाए तो अनचाहे जानकारी प्राप्त करके अपनी जान को डालने से रोका जा सकता हैl क्योंकि कक्षा को सुनाने में ही व्यस्त रहते हैं .
ज्ञान एक विशाल सागर है पढ़ते जाते हैं वहां कम ही है हम शिक्षक गण बच्चों को जितना पढ़ाना चाहते हैं उसकी दोगुना ज्यादा जानना जरूरी हैl विषय की गहराई में हम जाते जाते बच्चों को कैसे ? क्या और क्यों और कितना पढ़ाना चाहिए इसके बारे में स्पष्ट हो जाता हैl नए तंत्रज्ञान की, विचार आदि अपनाकर पढ़ाने से छात्र खुशी से, विषय वस्तु को समझते हैं शिक्षकों के प्रति आदर बढ़ता हैl इसलिए यहा घर से ही कार्य का अवसर को ठीक उपयोग करना चाहिएl और पाठशाला जाते वक्त हम एक विषय संसाधक के रूप में जाना हमारे वृत्ति के लिए शान साबित होगाl
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